नगर निगम में हुए बिना काम पेमेंट घोटाले में विजिलेंस ने निगम आयुक्त रहीं आईएएस अधिकारी सोनल गोयल को नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था। अधिकारी को शुक्रवार को विजिलेंस के कार्यालय पहुंचना था,  वे नहीं पहुंचीं। विभाग ने पूर्व निगमायुक्त आईएएस सोनल गोयल को जांच शामिल होने का नोटिस देकर शुक्रवार को कार्यालय में बुलाया गया था।

नोटिस के बावजूद अधिकारी जांच में शामिल होने नहीं आई।अभी सोनल गोयल त्रिपुरा भवन में तैनात हैं। वह प्रतिनियुक्ति पर 2 साल के लिए हरियाणा में आईं थीं। बाद में उनका कार्यकाल बढ़ गया था।

आईएएस सोनल गोयल उन अधिकारियों में से हैं जो ट्विटर पर खासे सक्रिय रहते हैं। वह सेल्‍फीज के साथ मोटिवेशनल कोट्स इत्‍यादि पोस्‍ट करती हैं।विजिलेंस का दावा है कि आईएएस अधिकारियों के खिलाफ उनके पास ऐसे कागज हैं, जिससे ये साबित होता है कि घोटाले की जानकारी होने का बावजूद वे चुप रहे। कई फाइलें हैं, जिनमें ठेकेदार को बिना काम के ही भुगतान कर दिया गया।

कई मामलों में कार्य की लागत राशि बढ़ाई भी गई है। फाइलों पर अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर रखे हैं।बीते महीने ही स्टेट विजिलेंस की टीम 2 गाड़ियों में नगर निगम मुख्यालय पहुंची थी और अकाउंट ब्रांच में डेरा जमा लिया था।अकाउंट ब्रांच के अंदर फाइनैंस कंट्रोलर के ऑफिस में स्टेट विजिलेंस की टीम ने 3 घंटे तक फाइलों की जांच की थी।

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