अग्निपथ भर्ती योजना में उम्मीदवारों से जाति और रिलिजन सर्टिफिकेट मांगे जाने पर सेना ने सफाई दी है।सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अग्निपथ योजना के तहत सैन्य भर्ती प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है।पहले भी जाति व धर्म प्रमाण पत्र मांगा जाता रहा है।

सेना का कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान मरने वाले रंगरूटों और सर्विस में शहीद होने वाले सैनिकों का धार्मिक अनुष्ठानों के तहत अंतिम संस्कार किया जाता है। ऐसे में उनके धर्म की जानकारी की जरूरत पड़ती है।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा, “जात न पूछो साधु की, लेकिन जात पूछो फौजी की। संघ की BJP सरकार जातिगत जनगणना से दूर भागती है लेकिन देश सेवा के लिए जान देने वाले अग्निवीर भाइयों से जाति पूछती है। ये जाति इसलिए पूछ रहे है क्योंकि देश का सबसे बड़ा जातिवादी संगठन RSS बाद में जाति के आधार पर अग्निवीरों की छंटनी करेगा।”

अग्निपथ योजना के लिए जाति व धर्म प्रमाण पत्र मांगे जाने पर सियासत शुरू हो गई थी।आप सांसद संजय सिंह व जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने सैन्य भर्ती से संबंधित एक स्क्रीन शॉट को शेयर कर योजना पर सवाल खड़े किए थे।

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