Tuesday, February 27, 2024 at 6:25 PM

अयोध्याधाम नहीं, सिर्फ जन्मभूमि परिसर का भ्रमण करेंगे रामलला; शोभायात्रा रद्द होने की ये है वजह

रामलला को प्राण प्रतिष्ठा से पहले नगर भ्रमण नहीं कराया जाएगा। रामलला अब सिर्फ जन्मभूमि परिसर का ही भ्रमण करेंगे। सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा काशी के विख्यात वैदिक आचार्य गणेश्वर द्रविड़ के निर्देशन में होनी है। वे सोमवार को अयोध्या पहुंचे। राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र व ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गणेश्वर द्रविड़ और अन्य आचार्यों के साथ बैठक की।

चर्चा में यह बात सामने आई कि जब रामलला को नगर भ्रमण कराया जाएगा तो उनके दर्शन के लिए श्रद्धालु व भक्त उमड़ पड़ेंगे। ऐसे में भीड़ नियंत्रण में प्रशासन को मुश्किल होगी। इस पर आचार्यों से राय मांगी गई तो उन्हाेंने जन्मभूमि परिसर का ही भ्रमण कराने का सुझाव दिया। इसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया।

अब 17 जनवरी को रामलला की अचल मूर्ति राम जन्मभूमि परिसर पहुंचेगी। परिसर में ही शोभायात्रा निकालने की रस्म पूरी की जाएगी। बैठक के बाद गणेश्वर द्रविड़ ने प्राण प्रतिष्ठा के लिए बन रहे यज्ञ मंडप व हवन कुंड का भी निरीक्षण किया। प्राण प्रतिष्ठा के लिए दो यज्ञ मंडप व नौ हवन कुंड बनाने का काम सोमवार की देर रात तक पूरा हो गया है।

347 पुलिसकर्मी पहुंचे, 10 दिन में आएंगे 5300 जवान
प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों के क्रम में सोमवार को पहले चरण में 347 पुलिसकर्मी अयोध्या पहुंच गए। इनमें दो उपाधीक्षक (एएसपी), 14 क्षेत्राधिकारी, 27 निरीक्षक, 54 उपनिरीक्षक व 250 मुख्य आरक्षी व आरक्षी शामिल हैं। अभी दो अन्य चरणों में जवान अयोध्या पहुंचेंगे। इन्हें ठहराने से लेकर अन्य सभी व्यवस्थाओं में पुलिस प्रशासन जुटा है।

राममंदिर बनने के अयोध्या में अब यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने पर सरकार का जोर है। प्राण प्रतिष्ठा के दिन यहां देश और दुनिया के विशिष्टजन उपस्थित होंगे। इसके बाद यहां प्रतिदिन एक से दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए प्रदेश के अन्य जिलों से 100 उपाधीक्षक, 300 निरीक्षक, 800 उपनिरीक्षक व 4500 मुख्य आरक्षी व आरक्षियों की मांग की गई है।

इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, सीआरपीएफ, एसटीएफ, एटीएस, एनआईए, एनडीआरएफ के जवान भी बड़ी संख्या में रामनगरी में मोर्चा संभालेंगे। पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुबन सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में 12 जनवरी व तीसरे चरण में 18 जनवरी को पुलिस बल अयोध्या पहुंचेगा। अन्य जवानों के आने का सिलसिला भी जारी है। इन्हें सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी दी जा रही है।

छानबीन में जुटीं एजेंसियां, जिले की सीमाओं पर भी बढ़ी चौकसी
सात बड़ी सुरक्षा एजेंसियां रामनगरी के विभिन्न इलाकों में छानबीन में जुटी हैं। इसके अलावा जिले की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ाई गई है। आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी करके ही प्रवेश दिया जा रहा है। जिले के विभिन्न इलाकों में बने होटल, लॉज व धर्मशालाओं में भी टीमें छानबीन कर रही हैं। यहां ठहरे व बुकिंग कराए लोगों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री व अन्य वीवीआईपी की फ्लीट के रूट पर भी पुलिस टीमें जांच-पड़ताल कर रही हैं।

आवागमन के लिए व्यापारियों को जारी होगा पास
अयोध्या धाम व्यापार मंडल के पदाधिकारियों व व्यापारियों के साथ सीओ एसपी गौतम ने सोमवार को नयाघाट चौकी में बैठक की। बताया कि व्यापारियों को प्राण प्रतिष्ठा के दिन आवागमन के लिए पास जारी किया जाएगा। इसे दिखाने से उन्हें सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा अयोध्या को भव्यतम रूप से सजाने व अतिथियों के अभिनंदन के लिए व्यापारियों से सहयोग मांगा। बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज गुप्ता, नंदलाल गुप्ता, प्रेम सागर मिश्रा, विनोद श्रीवास्तव, सुरेश मोदनवाल, शक्ति जायसवाल, विजय यादव मौजूद रहे।

Check Also

‘BJP जल्द जारी कर सकती है उम्मीदवारों की पहली सूची’, लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर बोले येदियुरप्पा

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस …