दुश्मन ताकतों के खिलाफ परमाणु हथियारों से पलटवार करने की अपनी ताकत को दिखाने में जुटा नार्थ कोरिया  खुद भुखमरी  का शिकार हो रहा है.

यहां खाद्य संकट इतना अधिक हो गया है कि इसके कारण लोगों की बड़ी संख्‍या में मौत होने लगी है. सरकारी अफसरों का कहना है कि देश में अकाल जैसी स्थिति नहीं है.

नार्थ कोरिया में सत्‍तारूढ वर्कर्स पार्टी की बैठक में पदाधिकारियों ने एक सूत्री एजेंडे पर चर्चा की और वह था अपने नेता किम जोंग उन के समर्थन को बढ़ाना है. किम जोंग अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर भारी दबाव महसूस कर रहे हैं.

परमाणु कार्यक्रम को लेकर अगले हफ्ते बड़ी बैठक होने जा रही है. पार्टी के पोलित ब्‍यूरो का कहना है कि देश में अकाल जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन खाद्य वितरण प्रणाली को सुधारना होगा.

फरवरी के अंत में वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति की मेगा मीटिंग होने वाली है, इसमें बड़ा फैसला हो सकता है.  कोरोना महामारी के दौरान नार्थ कोरिया ने अपनी सीमाओं को बंद रखा है. इससे वहां के हालात दुनिया को पता नहीं चल पाते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *