चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का भारतीय किसान यूनियन उनकी पुण्यतिथि पर ही दो हिस्सों में बंट गई हैं । राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत अलग-थलग पड़ गए हैं। किसान यूनियन से जुड़े आंदोलनकारियों के मुताबिक अब जब भारतीय किसान यूनियन में टूट के साथ नया संगठन बन गया है.

तो न सिर्फ सरकार नए संगठन को तवज्जो देगी, बल्कि उसी संगठन को असली संगठन मान करके आगे भी बढ़ सकती है। हालांकि राकेश टिकैत के नेतृत्व वाली भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि उनका संगठन टूटा नहीं है बल्कि कुछ लोगों को उन्होंने निकाल कर बाहर कर दिया है।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में नई भाकियू (अराजनैतिक) बनाई गई है।

खुद राजेश सिंह चौहान इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेश टिकैत और राकेश टिकैत राजनीति करने वाले लोग हैं। विधानसभा चुनाव में एक दल का प्रचार करने के लिए कहा गया था।

पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि राकेश टिकैत को BKU से निकाल दिया गया है और उनके भाई नरेश टिकैत को अध्यक्ष पद से हटाया है। बाद में राजेश सिंह चौहान ने नया संगठन बनाने की ऑफिशियल जानकारी देकर इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया।

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