गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान नजदीक है। एक दिसंबर को 89 सीटों पर मतदान होगा। सभी दलों की अपनी तैयारियां लगभग पूरी हैं।चुनाव में उम्मीदवारों की बात करें तो पिछले चुनाव की तरह इस बार भी सभी दलों ने महिला उम्मीदवारों पर कम भरोसा जताया है।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस ने हमेशा की तरह इस बार भी कुछ ही महिलाओं को टिकट दिया है। फौरी राहत की बात यह है कि इस साल इन दोनों दलों की ओर से चुनाव लड़ रहीं महिला उम्मीदवारों की संख्या 2017 चुनाव की तुलना में बढ़ी है।

भाजपा की राज्य महिला शाखा की प्रमुख दीपिकाबेन सर्वदा ने कहा कि उनकी पार्टी पहले से ही अध्यक्ष समेत महत्वपूर्ण पद देकर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

भाजपा ने 2017 में 12 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया था और इस बार इसने 18 महिलाओं को टिकट दिया है,  कांग्रेस ने 2017 में 10 महिला उम्मीदवारों की तुलना में इस बार 14 महिलाओं को चुनावी मैदान में खड़ा किया है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने इस बार सभी 182 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें से एक उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया है। ‘आप’ ने केवल छह महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है और उनमें से तीन अनुसूचित जनजाति (एसटी) सीट पर चुनाव लड़ रही हैं।

 

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