चुनाव आयोग ने गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यहां 1 और 5 दिसंबर को वोटिंग होगी और 8 दिसंबर को वोटों की काउंटिंग की जाएगी। इस चुनाव में पार्टी नए मॉडल के साथ मैदान में उतर गई है। इस मॉडल को पन्ना कमेटी नाम दिया है। वोटर लिस्ट के हर पन्ने के लिए एक कमेटी में पांच सदस्य बनाए गए है।

इसमें हर सदस्य की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने परिवार के तीन लोगों का वोट भाजपा को दिलाएगा। पार्टी ने पूरे प्रदेश में 82 लाख पन्ना सदस्य बनाए है। इसमें लक्ष्य है कि हर पन्ना सदस्य तीन वोट डलवाए।इस बार महिलाओं के लिए भी 1274 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे और चुनाव में शिपिंग कंटेनर का बूथ की तरह इस्तेमाल होगा।

इसमें 142 मॉडल वोटिंग केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में मोरबी हादसे पर भी दुख जताया। गुजरात चुनाव का कामकाज देख रहे पार्टी पदाधिकारी और वरिष्ठ सांसद ने में कहा, जुलाई 2020 में 8 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने सबसे पहले इस मॉडल को अपनाया था।

इन उपचुनावों में पार्टी सभी सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद फिर 2021 में गुजरात निकाय चुनाव में मॉडल को लागू किया गया। इसमें भाजपा को 80 प्रतिशत से ज्यादा सीटों पर सफलता मिली।  वोटिंग से पहले तक मंडल या जिला स्तर के नेता अपने इलाके के सभी पन्ना सदस्यों के घर कम से कम एक बार जाएंगे।वोटिंग 9 दिसंबर और 14 दिसंबर 2017 को हुई थी।  बीजेपी ने कुल 99 सीटों पर कब्जा किया था।

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