Monday, July 15, 2024 at 11:13 PM

आचार संहिता के बीच MSME टेक्नोलॉजी सेंटर में करा दीं नियुक्तियां, मेंटर बदला पर नहीं बदले हालात

कानपुर के एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर फिर विवादों में आ गया है। कुछ समय पहले यहां पर नंबरों में गड़बड़ी करके अफसरों की नियुक्तियों में खेल किया गया था। अब आचार संहिता के दौरान टीचिंग सहायक और संविदा कर्मचारियों की नियुक्तियां कराने का मामला सामने आया है।

जब चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी, तब यहां पर साक्षात्कार कराकर नियुक्तियां कर दी गई थीं। मामले की शिकायत डेवलपमेंट कमिश्नर एमएसएमई से की गई है। शहर के उद्यमियों की मांग पर और उद्योगों की सहूलियत व दक्ष युवाओं को तैयार करने के लिए 2016 में पूर्व सांसद मुरली मनोहर जोशी के प्रयास से ये टूल रूम शहर को मिला था।

120 करोड़ की लागत से तैयार इस सेंटर की विधिवत शुरुआत इस साल हुई थी। शिकायत में बताया गया कि सेंटर में चुनाव आचार संहिता के दौरान टीचिंग सहायक और अन्य विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू लिए गए थे। इंटरव्यू में सेंट्रल टूल रूम लुधियाना से दो लोग और कानपुर सेंटर के अधिकारी शामिल हुए।

आंतरिक स्टाफ का थर्ड पार्टी मैनपॉवर सप्लाई एजेंसी के जरिये साक्षात्कार कराया गया। 30 मार्च को ऑनलाइन साक्षात्कार कराया गया। इसके बाद टीचिंग सहायक पद के लिए पांच अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग एक मई को कराई गई। स्टोर सहायक की ज्वाइनिंग 14 मई से कराई गई। जबकि चुनाव की आचार संहिता 16 मार्च से छह जून तक थी। इस दौरान कोई भी नियुक्ति या ज्वाइनिंग नहीं कराई जाती है। सूत्रों ने बताया कि सेंटर पर 2021 से काम करने वाले ऑन जॉब ट्रेनी को विस्तार नहीं दिया गया है जबकि हर साल विस्तार बढ़ता था। अब इन्हें आचार संहिता लगी होने का हवाला दिया जा रहा है।

इसके इतर ये भर्तियां कराई गईं। टेक्नोलॉजी सेंटर के महाप्रबंधक एपी शर्मा का कहना है कि मैं अवकाश पर हूं। मुझे मामले की जानकारी नहीं है। वहीं, स्थानीय अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नही हैं।

मेंटर बदला पर नहीं बदले हालात
2016 से कानपुर सेंटर का मेंटरशिप जमशेदपुर आईडीटीआर था लेकिन गड़बड़ियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने आठ फरवरी 2024 को मेंटरशिप आईटीडीआर से छीनकर सेंट्रल टूल रूम लुधियाना को दे दिया। यहां के डीजीएम को भी हटा दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि इंडो डैनिस टूल रूम जमशेदपुर में इस तरह की नियुक्तियां आचार संहिता लगी होने के चलते रोक दी गई थीं।

दस से ज्यादा मेल पर कोई जवाब नहीं
डीसी एमएसएमई को नौ मई को ई-मेल से गड़बड़ी के बारे में शिकायत भेजी गई थी। इस शिकायत से पहले 10 से ज्यादा मेल सेंटर के महाप्रबंधक को भेजे गए पर कोई जवाब नहीं दिया गया।

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