यूपी सरकार ने मथुरा-वृंदावन कृष्ण जन्म भूमि के 10 स्क्वायर किलोमीटर के दायरे में शराब और मांस की बिक्री पर रोक लगा दी थी. इस रोक के खिलाफ वृंदावन की सामाजिक कार्यकर्ता शाहिदा की तरफ से जनहित याचिका दायर की गई थी जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है.

इस याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में लिखा, ‘भारत महान विविधता का देश है. यदि हम अपने देश को सभी समुदायों और संप्रदायों के प्रति सहिष्णुता और सम्मान के लिए एकजुट रखना चाहते हैं तो इस तरह के कदम नितांत आवश्यक है.’

कोर्ट ने आगे कहा, ‘हमारे पास एक ऐसा संविधान है जो धर्मनिरपेक्ष हैं और जो देश में सभी समुदायों, संप्रदायों, भाषाई और जातीय समूह आदि को पूरा करता है. यह भारत का संविधान है जो हमें हमारी सभी विविधता के बावजूद एक साथ रखता है.

गौरतलब है कि यूपी सरकार ने पिछले साल 10 सितंबर को वृंदावन में कृष्ण जन्मभूमि परिसर के आसपास तकरीबन 10 किलोमीटर के क्षेत्र को तीर्थ स्थल घोषित कर वहां शराब व मांस की बिक्री पर पाबंदी लगा दी थी. नगर पालिका परिषद के दायरे में आने वाले 22 वार्डों में यह पाबंदी लगाई गई थी.

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