सरकार ने पिछले महीने, ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की थी। योजना के तहत साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष तक की उम्र के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा।वकील एम एल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस योजना के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी भी हो गया है।

सशस्त्र बलों में भर्ती संबंधी केंद्र की ‘अग्निपथ’ योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।इनमें से 25 प्रतिशत को बाद में नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। सरकार ने 16 जून को इस साल के लिए इस योजना के तहत भर्ती के वास्ते आयु सीमा को 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया था।

इस मामले में सुनवाई अब अगले सप्ताह होगी। वहीं दायर याचिका में कहा गया है कि दो साल से वायुसेना में नियुक्ति का इंतजार कर रहे लोगों को आशंका है कि उनका 20 साल का करियर चार साल में सिमट जाएगा।

गौरतलब है कि तीनों सेनाओं में भर्ती प्रक्रिया जारी है थलसेना में भर्ती प्रक्रिया जहां 1 जुलाई से शुरू हो गई वहीं वायुसेना में इससे पहले 24 जून जबकि नौसेना में 25 जून से शुरू हो गई है। वहीं, इस साल के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 23 साल कर दी गई है. वहीं वकीलों की दलील सुनने के बाद शीर्ष अदालत की बेंच सुनवाई के लिए तैयार हो गई। बेंच ने कहा कि याचिका को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

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