उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय संयुक्त परीक्षा का पेपर लखनऊ की एक प्राइवेट कंपनी के मालिक ने दो करोड़ रुपये में बेचा था। अब चर्चित वीडियो भर्ती घपले की जांच भी विजिलेंस से हटाकर एसटीएफ को सौंप दी गई है।

मामले में जनवरी 2020 में मुकदमा दर्ज किया गया था,  किसी भी व्यक्ति को अभी आरोपी तक नहीं बनाया गया था।आयोग की दो भर्तियों की जांच में एसटीएफ ने बेहतरीन काम किया है।आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस कंपनी उत्तराखंड में 2016 से काम कर रही है।

वह अब तक 50 भर्तियों में शामिल रही है। यूपी और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भी यही कंपनी काम करती है। इन तमाम राज्यों से एसटीएफ डाटा मंगवा रही है।मास्टरमाइंड राजेश चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अन्य की गिरफ्तारियों के लिए जांच जारी है। अब पूर्व में आयोजित कनिष्ठ सहायक ज्यूडिशियरी और वीडीओ 2016 की भर्ती जांच पर भी फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।कंपनी मालिक के रिश्तेदारों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।

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