असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि असम में बाल विवाह उन्मूलन के लिए काम कर रही भाजपा सरकार के खिलाफ गरीब लोगों को भड़काने की कोशिश एक सामंती मानसिकता कर रही है।
विधानसभा में बोलते हुए सरमा ने कहा कि उनकी सरकार 2026 तक बाल विवाह उन्मूलन के लिए काम कर रही है । सरमा ने कहा कि बाल विवाह से लड़ने के लिए अगले साल के बजट में 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और इसका एक हिस्सा अधिवक्ताओं को भुगतान करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा ताकि सजा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री हिमंता ने कहा, ‘मैं किसी 22 वर्षीय लड़की को गुवाहाटी में पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए प्रवेश लेते हुए देखता हूं तो मुझे अच्छा लगता है, वहीं जब मैं चेंगा या बागबोर (बड़ी मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों) जैसे स्थानों पर जाता हूं, तो मुझे दो बच्चों के साथ उसी उम्र की लड़की दिखाई देती है। ये गलत है।’

सरमा ने कहा, यह “सामंती” मानसिकता है जो अपने लिए जीवन का एक तरीका और गरीब लोगों के लिए दूसरा रास्ता तलाशती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ अभियान कानून के तहत चलाया जा रहा है और इसलिए अदालत आरोपी को जमानत नहीं दे रही है।

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