हर्षल पटेल ने 32 साल की उम्र में जीवन के दो बेहद विपरीत पहलू देखे हैं जिसमें एक दुख को कुचल देने वाला और दूसरा बेमिसाल खुशी है। हर्षल की बड़ी बहन का पिछले साल की शुरुआत में निधन हो गया जिससे रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का तेज गेंदबाज सुन्न हो गया।

आरसीबी पॉडकास्ट सीजन 2 पर बात करते हुए हर्षल ने खुलासा किया कि कैसे उन्होंने जीवन और करियर में चरम सीमाओं का सामना किया। उन्होंने कहा, ‘जब मेरी बहन का निधन हुआ, तो मैं एक सप्ताह तक दुःखी था।  मैं अपनी भतीजी और भतीजे और घर वापस आने वाले सभी लोगों से बात कर रहा था। मैं जाना चाहता था, उन्हें गले लगाना चाहता था और रोना चाहता था। हम इसे फोन पर कर रहे थे, क्योंकि यही एकमात्र विकल्प था। तो मैं एक सप्ताह, 10 दिनों के लिए सुन्न हो गया।

हर्षल ने कहा, ‘ऐसा समय था जब मैं शायद अपने कमरे में हर दिन तीन-चार बार रोता था। और फिर मैं अपने बेटे को फेसटाइम पर देखता था और बेहद खुश होता था। जब आपके पास वे भावनाएं होती हैं, जो आपको लगातार खींचती हैं, तो यह काफी हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘जब कुछ अच्छा होता है या कुछ बुरा होता है तो मैं स्थिर रहना चाहता हूं। इसलिए वे दो सप्ताह मेरे लिए यह देखने का एक शानदार अवसर था कि मैं इससे कैसे निपट सकता हूं।  मेरा मतलब है, यह बहुत सारे आत्मनिरीक्षण के साथ आता है।’

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