पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया यूयू ललित का न्यायपालिका की आजादी को लेकर बड़ा बयान आया है। कलकत्ता में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व चीफ जस्टिस यूयू ललित ने कहा कि न्यायपालिका ने काफी चुनौतियों का सामना किया है।
जस्टिस यूयू ललित ने कहा कि एक फलते-फूलते लोकतंत्र के लिए एक स्वतंत्र न्यायपालिका होनी चाहिए क्योंकि विवाद समाधान के माध्यम से ही समाज को कानून के शासन द्वारा शासन का आश्वासन दिया जाता है।

पूर्व चीफ जस्टिस ने कहा, ‘न्यायपालिका को आज विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए हमें एक न्यायिक बिरादरी के रूप में मजबूत होना होगा। हमें हर तरह के दबाव, हमले या किसी भी तरह के हस्तक्षेप को रोकना होगा।’

शनिवार की शाम कलकत्ता में भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा ‘स्वतंत्र न्यायपालिका: एक जीवंत लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अदालती फैसलों के कई उदाहरण हैं जो कार्यकारी हस्तक्षेप के अधीन हैं”

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