ईंधन के बढ़ते दामों को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है.उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ बाजार के हवाले है तो फिर फिर पेट्रोल, डीज़ल, गैस का मंत्रालय किसलिए बनाया गया है.

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘ईंधन के बेतहाशा बढ़ते दामों पर जब न कोई सरकारी नियंत्रण, न शासन, न प्रशासन, न प्रबंधन, न ही नियमन है और अगर सब कुछ बाज़ार के हवाले ही है तो फिर पेट्रोल, डीज़ल, गैस का मंत्रालय किसलिए. इस मंत्रालय को तत्काल भंग कर देना चाहिए! भाजपाई-महंगाई जनता को निरंतर ईंधन से निर्धन कर रही है.’

आरबीआई के मुताबिक, 2022-23 की पहली तिमाही में महंगाई दर 6.3 फीसदी, दूसरी तिमाही में 5 फीसदी, तीसरी तिमाही में 5.3 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है. महंगाई बढ़ने का सीधा असर ब्याज दरों पर पड़ता है.

लॉकडाउन के बाद लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिली. लेकिन खुदरा महंगाई बढ़ी तो कर्ज भी इसके चलते महंगा होगा जिसका दुष्प्रभाव अर्थव्यवस्ता पर पड़ सकता है. यही वजह है कि आरबीआई का फोकस आर्थिक विकास को गति देने से ज्यादा महंगाई पर काबू पाने पर रहने वाला है.

 

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