कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल के मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी के मोबाइल से अब राज खुलने लगे हैं।उसके मोबाइल में कुल 141 व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं। तकरीबन सभी ग्रुपों में बाजार बंदी और बवाल की बातचीत मिली है। इसके साथ ही कानपुर हिंसा में आज 9 और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.

अब तक इस केस में 38 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. एटीएस की टीम इन आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है. कानपुर की  सड़क पर हुई हिंसा व बवाल का दिन तीन जून इसलिए मुकर्रर किया गया था, क्योंकि इस दिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री शहर में थे। इस हिंसा के पीछे पूरे देश को एक संदेश देने की मंशा थी।

कानपुर में हुई हिंसा के दौरान पुलिस ने जांच के दौरान जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें पेट्रोल बम भी चलते नजर आए. जांच के दौरान सामने आए इस पहलू पर कानपुर जिला प्रशासन ने जांच की तो पता चला बेगमगंज इलाके से सटे हुए डिप्टी पढ़ाओ चौराहे पर स्थित बीपीसीएल के राम लाल एंड संस पैट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा गया था.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिंसा भड़कने के कुछ ही देर बाद जफर वह उसके साथी अलग-अलग हो गए थे। थोड़ी देर बाद उनको आशंका हो गई थी कि उनका नाम मामले में आएगा। लिहाजा तत्काल शहर छोड़कर चले गए थे। मोबाइल कानपुर में ही बंद कर दिए थे। इसलिए आखिरी लोकेशन शहर की मिली थी।

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