उत्तर प्रदेश की तर्ज़ पर अब उत्तराखंड में भी धार्मिक स्थलों पर सरकार एक्शन मोड में दिख रही है. पिछले दिनों धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर पूरे देश में सवाल उठने शुरू हुए थे।उत्तराखंड पुलिस ने बाकायदा एक अभियान चलाकर जून के शुरुआती तीन दिनों में धार्मिक स्थलों से 258 लाउडस्पीकरों को ​हटा दिया है.

न्यायालयों में तमाम लोगों ने पीआईएल आदि दाखिल कर इन्हें उतरवाने की मांग की थी। ध्वनि प्रदूषण को आधार बनाकर नैनीताल हाईकोर्ट ने भी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में उत्तराखंड पुलिस ने भी अभियान शुरू किया। कुछ स्थानों पर लोग खुद भी लाउडस्पीकर उतार रहे हैं।

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मज़ारों की जांच को लेकर खलबली मची हुई है. मठों-मंदिरों की वजह से उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के तौर पर है. देवभूमि की संस्कृति बनाए रखने की बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कई बार कर चुके हैं. इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने एक बड़ा बयान देकर कह दिया कि ऐसी जांच क्यों की जा रही है जबकि कई मठ, मंदिर और आश्रम भी इसी तरह बने हुए हैं.देहरादून के डीएम डॉ. आर राजेश कुमार का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए जो नियम हैं

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