जोशीमठ में भू-धंसाव नहीं रुक रहा है। अब तक शहर के 849 भवनों में दरारें आ चुकी हैं। होटल माउंट व्यू और मलारी इन के बाद अब दो अन्य कॉमेट और स्नो क्रेस्ट होटलों में भी दरारें आई हैं। तहसील भवनों के ऊपरी और निचले हिस्से में भी भू-धंसाव हो रहा है।

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. सिन्हा ने बताया कि अगर ध्वस्तीकरण की जरूरत हुई तो इन्हें भी पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद ध्वस्त कर दिया जाएगा। सीबीआरआई ने मकानों पर क्रेकमीटर लगाए हैं। इससे दरारों की प्रवृत्ति का पता लगाया जा रहा है।

वहीं, लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस भी तिरछा हो गया है।प्रशासन ने इस पर ध्वस्तीकरण के लिए स्टीकर लगा दिया है। बुधवार को इसे डिस्मेंटल करने का काम शुरु होगा। यह पहला सरकारी भवन है जिस पर प्रशासन ने डिस्मेंटल का स्टीकर चस्पा कर दिया है।

2 of 7 बताया कि कुछ घरों और जमीन पर आई दरारों में एक से दो मिलीमीटर की वृद्धि हुई है।  पानी का रिसाव भूमि के अंदर न हो इसके लिए खेतों की दरारों को भरने का काम भी जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *