Saturday, December 10, 2022 at 12:36 AM

3 राज्यों में जीतने के बाद लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बनाया ये मास्टर प्लान !

New Delhi. तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के साथ कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की रणनीति बनाई है। इसके लिए पार्टी विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और नागरिक समूहों और सामाजिक संस्थाओं को साथ लेगी।

लोकसभा चुनाव

दो माह का कार्यक्रम तैयार

देश भर में काम करने वाले एनजीओ, नागरिक समूह और सामाजिक संस्थाओं के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ‘सिविक एंड सोशल आउटरीच कांग्रेस’ ने दो माह का कार्यक्रम तैयार किया है। ‘सिविक एंड सोशल आउटरीच कांग्रेस’ के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र के बाद पूरे देश का दौरा कर लोगों से मुलाकात करेंगे। इसकी शुरुआत जनवरी के दूसरे सप्ताह में कर्नाटक से होने की उम्मीद है।

एनजीओ और संस्थाओं की सूची बनेगी

इसके साथ पार्टी ने सभी प्रदेश कांग्रेस से कहा है कि वह विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ की सूची तैयार कर कार्यक्रम तय करे। मधुसूदन मिस्त्री और विभाग में सचिव संदीप दीक्षित सभी प्रदेशों का दौरा कर इन समूहों से मुलाकात करेंगे। एनजीओ और सामाजिक संगठनों के जरिए पार्टी लोगो तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। ताकि, लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान इसका लाभ लिया जा सके।

विभिन्न क्षेत्रों में समूह गठन

पूरे देश में घूमने के बाद ‘सिविक एंड सोशल आउटरीच कांग्रेस’ अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के समूह का भी गठन करेगी। लोकसभा प्रचार के दौरान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी इन समूहों से मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह अच्छा प्रयास है। हम अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस, फिशरमैन कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस और प्रोफेनल कांग्रेस भी अपनी भूमिका निभाएंगे।

वासनिक को मिल सकता है संगठन का प्रभार

कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत के राजस्थान के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक को संगठन का प्रभार मिल सकता है। मुकुल वासनिक के पास अभी केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु की जिम्मेदारी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मुकुल वासनिक संगठन प्रभारी के लिए सबसे उपयुक्त हैं। वह लंबे समय से पार्टी महासचिव हैं और विभिन्न प्रदेशों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे में उन्हें ही यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी महासचिव के तौर पर अशोक गहलोत के पास संगठन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी थी।

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