Monday, November 28, 2022 at 4:37 PM

वैकुंठ चतुर्दशी पर मध्य रात्रि में राजाधिराज की पालकी पहुंची गोपाल मंदिर

वैकुंठ चतुर्दशी पर बुधवार को धर्मनगरी उज्जयिनी में हरि हर मिलन हुआ. मध्य रात्रि में राजाधिराज की पालकी गोपाल मंदिर पहुंची. यहां हर ने बिल्वपत्र की माला भेंट कर श्री हरि को सृष्टि का वजन सौंपा. श्री हरि ने भी हर को तुलसीपत्र की माला अर्पित की. हजारों नगरवासी हरि हर मिलन के साक्षी बने है. वहीं बता दें कि सिंधिया देव जगह ट्रस्ट के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में हरि हर मिलन हुआ. इसके लिए महाकाल मंदिर से रात 11 बजे महाकाल की सवारी निकाली गई.
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यहां बता दें कि परंपरा अनुसार भक्तों ने हरि हर मिलन की सवारी में आतिशबाजी की. हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन ने आतिशबाजी में हिंगोट, राकेट आदि चलाने पर रोक लगाई थी. इसके लिए मंगलवार शाम पुलिस, मंदिर प्रशासन और व्यक्तिगत सुरक्षाकर्मियों की टीम ने सवारी मार्ग पर मुनादी करवाई. सुप्रीमकोर्ट ने आतिशबाजी के लिए रात्रि 8 से 10 बजे का समय निर्धारित किया है. इसके चलते मंदिर प्रशासन ने हरि हर मिलन की सवारी में मध्यरात्रि में आतिशबाजी के लिए कोर्ट से विशेष अनुमति ली.

हालांकि प्रशासन कोर्ट के अन्य आदेश का पालन करने को तत्पर रहा. इसलिए एक दिन पहले सवारी मार्ग पर ज्यादा हानिकारक पटाखों को नहीं चलाने की मुनादी कराई गई. धार्मिक मान्यता के अनुसार देवशयनी एकादशी पर श्रीहरि विष्णु सृष्टि के संचालन का वजन ईश्वर विष्णु को सौंपकर राजा बलि के यहां पाताल लोक में विश्राम के लिए जाते हैं. चार माह सृष्टि का संचालन ईश्वर शिव करते हैं. देव उत्थापनी एकादशी पर देव उठने के बाद चतुर्दशी पर हर ईश्वर महाकाल हरि ईश्वर विष्णु को सृष्टि के संचालन का वजन पुन: सौंपते हैं. गोपाल मंदिर में हरि हर मिलन इसी कथा प्रसंग का भाग है.

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