Wednesday, December 7, 2022 at 9:06 AM

लखनऊ: सुरंग के अंदर लगातार डेढ़ घंटे दौड़ती रही मेट्रो, हुआ ये खास निरीक्षण

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी में आबाद जिस हजरतगंज ने 200 साल के अधिक के सफर में इक्का गाड़ी से लेकर इठलाती मोटर कार का कारवां देखा। उसी हजरतगंज ने सुबह 9:15 बजे पहली बार मेट्रो का दीदार किया। जिसने भी देखा वह बहुत खूब कहता रह गया। उल्लास और उमंग इसलिए ज्यादा था क्योंकि अब तक मेट्रो ट्रांसपोर्ट नगर से केवल चारबाग तक चल रही थी। जिस कारण शहर के अधिकांश इलाकों के लोग मेट्रो की सवारी नहीं कर पा रहे थे। मेट्रो ने अपना पहला ट्रायल रन पूरा किया।

उत्तर दक्षिण का लखनऊ मेट्रो कॉरिडोर के चारबाग से मुंशी पुलिया तक अगले साल फरवरी में कॉमर्शियल रन की तैयारी है। इस बीच लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के अधिकारियों ने एमडी कुमार केशव के साथ शुक्रवार को पहला ट्रायल रन पूरा किया। रात दो बजे चार बोगियों वाला रैक ट्रांसपोर्ट नगर डिपो से चारबाग मेट्रो स्टेशन लाकर खड़ा किया गया। चार बजते ही रैक को प्लेटफार्म के आगे निकालकर रैम्प पर खड़ा किया गया। इसके बाद मेट्रो 7:25 बजे रवाना हुई। मेट्रो 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती रही।

रैम्प पर उतरने के बाद सुरंग से पहले मेट्रो को सात बार रोका गया। इस दौरान आगे की क्लीयरेंस मिलने पर मेट्रो 7:54 बजे सुरंग के अंदर पहुंच गई। भीतर मेट्रो 1:21 घंटे तक चली। इस दौरान हुसैनगंज, सचिवालय और हजरतगंज होते हुए मेट्रो सुबह 9:15 बजे हजरतगंज में सुरंग से बाहर निकली। केडी सिंह स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से पहले रैम्प पर चढ़ते हुए मेट्रो को पांच मिनट तक रोका गया। यहां से निकलकर मेट्रो परिवर्तन चौक कर्व से होते हुए गोमती नदी के स्पेशल स्पैन पर पहुंची। करीब पांच मिनट रोकने के बाद मेट्रो को लविवि और फिर आइटी कॉलेज तक गई।

खास रहा यह निरीक्षण

मेट्रो एमडी कुमार केशव ने खुद निरीक्षण को कमान किया। मेट्रो ट्रेन में 300 बोरी बालू को लादा गया। रैम्प पर 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से उतरते समय इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए गए। जिससे लोड के समय ट्रेन पर पडऩे वाले भार को नापा जा सका। इसके बाद भीतर मेट्रो के स्टेशनों से गुजरते हुए हजरतगंज में भी उसे रैम्प पर खड़ा किया गया।

जिससे ऊंचाई पर मेट्रो को रोकने पर होने वाले दबाव को परखा जा सका। एलिवेटेड कारिडोर पर आने पर परिवर्तन चौक और लविवि कर्व पर भी ट्रायल कर ऑपरेशन और सेफ्टी से जुड़े परीक्षण हुए। इसके ठीक पीछे दूसरी ट्रेन भी आ गई। दोनो को गोमतीनगर स्पैन पर 36 घंटे तक रोका जाएगा।

31 को देनी है रिपोर्ट

ट्रायल रन की रिपोर्ट 31 जनवरी को देना होगा। जबकि एक जनवरी से मेट्रो के सिग्नल की फीटिंग का काम शुरू हो जाएगा। सिग्नल सहित तकनीकी कमियों को दूर कर मेट्रो का कॉमर्शियल रन 15 फरवरी तक शुरू करने की तैयारी है।

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