Tuesday, November 29, 2022 at 3:40 AM

रमन ने सरकारी सेवा से दिया दिया त्यागपत्र व बने विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर

7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्‍ली में जन्मे चन्द्रशेखर वेंकटरमन एक महान इंडियन भौतिक-शास्त्री थे, प्रकाश के प्रकीर्णन पर
अपने उत्कृष्ट सहयोग के लिये उन्हें साल 1930 में भौतिकी के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से भी नवाज़ा गया था उनके द्वारा किए गए अविष्कार को ही रमन असर (रमन इफ़ेक्ट) के नाम से जाना जाता है उन्हें नोबेल के अतिरिक्त भरत रत्न  लेनिन शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है

वैज्ञानिक के तौर पर दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने वाले सी वी रमन की गणित में जबर्दस्त रूचि थी  साल 1907 में उन्होंने एमएससी की डिग्री प्राप्त की, फिर कोलकाता में हिंदुस्तान गवर्नमेंट के वित्त विभाग में सहायक महालेखाकार के तौर पर कार्यभार संभाला, दफ्तर के कार्य से समय निकालकर वे द वह भारतीय एसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन साइंस की प्रयोगशाला में अपना अनुसन्धान करते रहते थे

1917 में रमन ने सरकारी सेवा से त्यागपत्र दे दिया  कोलकाता विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर बन गए इस दौरान भी उन्होंने आईएसीएस में अपना अनुसंधान बदस्तूर जारी रखा रमन इफ़ेक्ट के लिए सर सी वी रमन को संसार आज भी याद करती है  जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था इस खोज का इस्तेमाल विभीन केमिकल कंपाउंड्स की आंतरिक संरचना समझने के लिए किया जाता है, यह खोज उन्होंने अपने कुछ शिष्यों के साथ मिलकर सालों के अनुसंधान के बाद 28 फरवरी साल 1928 को की थी, 21 नवम्बर 1970 की प्रातः काल हिंदुस्तान के इस महान वैज्ञानिक का देहांत हो गया

 

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