Saturday, December 10, 2022 at 2:19 AM

बीहड़ों में गरजने वाली बंदूकें हुईं खामोश

मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की किसी भी सीट पर इस बार न तो कोई डकैत चुनावी मैदान में उतरा है  न ही किसी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है पिछले तीन दशक में पहला मौका है, जब ऐसा हो रहा है हालांकि, इससे पहले डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल एवं विंध्‍य एरियामशहूर रहे हैं कुछेक डकैत विधायक बनकर सुर्खियों में भी रहे हैंImage result for बीहड़ों में गरजने वाली बंदूकें हुईं खामोश

वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व डकैत प्रेम सिंह कांग्रेस पार्टी के टिकट पर मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे  उन्होंने बीजेपी के सुरेंद्र सिंह गहरवार को 10,970 मतों से पराजित किया था दस्यु ज़िंदगी से पॉलिटिक्स का सफर करने वाले प्रेम सिंह इस सीट से तीन बार विधायक रहे वह साल 1998 एवं साल 2003 में भी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर ही जीत कर विधायक बने थे

मध्य प्रदेश के पूर्व CM एवं दिवंगत महान कांग्रेस पार्टी नेता अर्जुन सिंह के कट्टर समर्थक रहे प्रेम सिंह का लंबी बीमार के बाद पिछले वर्ष मई में निधन हो गया था सतना के पत्रकार राजेश द्विवेदी ने बताया कि प्रेम सिंह के निधन के बाद डकैतों द्वारा चुनाव को प्रभावित करने  उनके द्वारा किसी भी सीट से चुनाव जीतने का युग मध्य प्रदेश में अब समाप्त हो गया है

वहीं, ग्वालियर के समाजसेवी डाक्टर केशव पांडे ने बताया कि चंबल के बीहड़ों में खौफ से दहलाने वाले पूर्व डाकू मलखान सिंह एवं डाकू मनोहर सिंह गुर्जर ने साल 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था 25 वर्ष से अधिक समय तक चंबल घाटी में आतंक मचाने के बाद मलखान सिंह ने करीब साढ़े तीन दशक पहले अर्जुन सिंह गवर्नमेंटके समक्ष सेरेण्डर कर दिया था  अब वे बंदूक छोड़ आध्यात्मिक मार्ग अपना चुके हैं

बड़ी-बड़ी मूंछ रखने वाले मलखान सिंह ने पंचायत चुनाव लड़ा था  इसमें जीत भी हासिल की थी वह विभिन्न राजनीतिक दलों से भी जुड़ा रहा उसने साल 1996 में भिंड से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा का उपचुनाव भी लड़ा था, लेकिन पराजय गया मलखान ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के  समाजवादी पार्टी के लिए यूपी में चुनाव प्रचार भी किया पिछले दो विधानसभा चुनाव में उसने बीजेपी के प्रत्याशियों का समर्थन किया  उनके लिए वोट भी मांगे

मधुमेह से पीड़ित डाकू मनोहर सिंह गुर्जर 90 के दशक में बीजेपी में शामिल हुए  साल 1995 में भिंड जिले की मेहगांव नगरपालिका के अध्यक्ष बने हालांकि, अब वह अपना छोटा-मोटा व्यक्तिगत कारोबार करते हैं पूर्व डकैत बलवंत सिंह (65) ने बताया कि वह इस वर्ष एससी/एसटी एक्ट में हुए संशोधन से नाराज हैं, लेकिन इसके बाद भी वह किसी राजनीतिक दल को इस चुनाव में समर्थन नहीं कर रहे हैं बलवंत जाने माने डकैत पान सिंह तोमर का रिश्तेदार है

डाक्टर पांडे ने बताया कि ग्वालियर एवं चंबल एरिया में डकैतों का असर अब समाप्त हो गया है

बीहड़ के गैंग
राजेश द्विवेदी ने बोला कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के विंध्य एरिया के बीहड़ में डकैतों के दो गैंग मौजूद हैं, जिनमें बबली कौल एवं लवलेश कौल शामिल हैं लेकिन इन दोनों गैंगों की राजनीतिक अखाड़े  में कोई गिनती नहीं है द्विवेदी ने बताया कि प्रेम सिंह से पहले पूर्व खूंखार डकैत शिव कुमार पटेल उर्फ ददुआ चित्रकूट एवं मध्य प्रदेश एवं यूपी से सटे हुए विंध्य एरिया में चुनावों में अपनी मौजूदगी दर्शाता था  चुनावों में अपना प्रभाव दिखाता था

ठीक इसी तरह से एक अन्य डकैत अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया भी चुनावों को प्रभावित किया करता था इन दोनों डकैतों की ग्रामीण इलाकों के वोटों विशेष रूप से पटेल जाति के लोगों पर असर रहता था पटेल मध्य प्रदेश में ओबीसी में आता है उन्होंने बोला कि ददुआ का मध्य प्रदेश से सटे हुए यूपी में भी राजनीतिक वर्चस्व रहा है वहां पर उसके छोटे भाई बाल कुमार पटेल मिर्जापुर (यूपी) से समाजवादी पार्टी के टिकट पर साल 2009 से साल 2014 तक सांसद रहे हैं

मध्य प्रदेश के सतना जिले से बाल कुमार पटेल ने बताया, ‘वर्तमान में मैं मध्य प्रदेश समाजवादी पार्टी का चुनाव कमेटी का सदस्य हूं ‘ उन्होंने बोला कि उनका भतीजा एवं ददुआ का बेटा वीर सिंह साल 2012 से साल 2017 तक यूपी के चित्रकूट सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट पर विधायक रहा है अच्छा इसी तरह से मेरा बेटा राम सिंह भी साल 2012 से साल 2017 तक यूपी की प्रतापगढ़ सीट से समाजवादी पार्टी का विधायक रहा है

बाल कुमार ने बताया, ‘वर्तमान में राम सिंह यूपी के प्रतापगढ़ जिले के समाजवदी पार्टी के अध्यक्ष हैं ‘ उन्होंने कहा, ‘मेरा भतीजा वीर सिंह भी वर्तमान में मध्य प्रदेश के सतना जिले का समाजवादी पार्टी का चुनाव प्रभारी है ‘

पत्रकार द्विवेदी ने बताया कि यूपी की तत्कालीन CM एवं बीएसपी सुप्रीमो मायावादी ने जब डकैतों के विरूद्ध अभियान चलाया था तो उस दौरान पुलिस मुठभेड़ में ददुआ एवं ठोकिया को क्रमश: साल 2006 एवं साल 2007 में मध्य प्रदेश से सटे हुए यूपी के गांवों में ढेर कर दिया गया था पुलिस सूत्रों ने बताया कि वे मध्य प्रदेश एवं यूपी में हत्या, अपहरण एवं डकैती के 300 से अधिक अपराधों में शामिल थे

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