Wednesday, December 7, 2022 at 7:52 AM

पीएम मोदी ने संभाली लोकसभा चुनाव की कमान, मिशन 123 पर खुद करेंगे काम

New Delhi.भारतीय जनता पार्टी हाल में हुए विधानसभा चुनावों में तीन अहम हिन्दी प्रदेशों- राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15 साल से चली आ रही सरकार गंवाने के सदमे से उबरने की कोशिश कर रही है। इसकी भरपाई वह नए क्षेत्रों में जीत हासिल कर करना चाहती है। इसके लिए उसने ‘मिशन 123’ शुरू किया है।

पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि भाजपा ने अपने ‘मिशन 123’ को शुरू किया है। इसके तहत वह खुद के लड़े उन 123 लोकसभा सीटों को जीतने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है जिन्हें वह 2014 में मोदी लहर के बावजूद नहीं जीत पाई थी। पिछले साल पार्टी ने इन 123 सीटों को 25 हिस्सों में विभाजित का हर हिस्से का प्रभार एक नेता को सौंप दिया है।

पदाधिकारियों ने बताया कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले 100 दिनों तक जनसभा आयोजित कर उनका भरपूर उपयोग करना चाहती है। मोदी खुद 20 राज्यों में फैले इन 123 संसदीय सीटों का दौरा करेंगे और वहां मतदाताओं का समर्थन मांगने के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं को भी ‘सक्रिय’ करेंगे। इनमें पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा शामिल हैं, जहां कुल 77 लोकसभा सीटें हैं। लेकिन भाजपा इनमें से केवल 10 ही जीत पाई थीं।

भाजपा के एक महासचिव ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया, ‘प्रधानमंत्री मोदी अब भी लोकप्रिय नेता हैं और एकमात्र ऐसे नेता हैं जो आगे भी एक स्थायी सरकार दे सकते हैं। हम इस बात को प्रचारित करेंगे और इसका लाभ उठाएंगे।’

पहला वोट मोदी अभियान 12 से

पूनम महाजन के नेतृत्व में भाजपा युवा मोर्चे को पहली बार बने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए 14 सूत्रीय कार्यक्रम दिया गया है। 12 जनवरी से पहली बार मतदाता बने युवाओं को पहली बार अपना वोट मोदी को देने के लिए प्रेरित करने को ‘पहला वोट मोदी’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 16 से 22 जनवरी तक विभिन्न शहरों में टाउन हॉल कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

‘नेशन विद नमो’ नेटवर्क बनेगा

मोर्चा मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने की चाहत रखनेवाले युवाओं के लिए 12 जनवरी से ‘नेशन विद नमो’ कार्यकर्ता नेटवर्क बनाएगा। इसके तहत युवाओं के साथ ही देश भर के उद्यमियों और किसानों को भी 2019 में मोदी का समर्थन करने के लिए समझाया जाएगा।

एक दूसरे महासचिव ने कहा कि पार्टी ने महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा जैसे सात विशिष्ट मतदाता समूहों के बीच काम करने का टास्क नेताओं को दिया है। उन्होंने बताया कि दिसंबर और मार्च के बीच इन सभी वर्गों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस महासचिव के हवाले से बताया गया है कि ‘सभी मोर्चों के लिए अलग-अलग लक्ष्य रखे गए हैं।’

शाह संभालेंगे बूथ स्तरीय योजना

इसके साथ ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह हर बूथ पर एक टीम को सक्रिय करके भाजपा की बूथ-स्तरीय योजना को कारगर बनाने पर काम करेंगे, जिससे सरकार की योजनाओं से लाभान्वित 22 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच बनाई जा सके। शाह 11 और 12 जनवरी को दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी के लगभग 15,000 नेताओं को संबोधित करेंगे। यह पहली बार है जब पार्टी इतने बड़े पैमाने पर अपनी परिषद की बैठक आयोजित कर रही है। इसमें जिला-स्तरीय कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया है।

कांग्रेस पर हमले बेअसर

अशोका विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान के सहायक प्रोफेसर और ‘त्रिवेदी सेंटर फॉर पॉलिटिकल डाटा’ के सह-निदेशक गाइल्स वर्नियर्स ने कहा कि हालिया चुनावों में मतदाताओं ने अपना विचार स्वतंत्र रूप से बनाया और कांग्रेस के खिलाफ परंपरागत भाजपाई हमलों को तवज्जो नहीं दिया। उन्होंने कहा, यह माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री उन क्षेत्रों में अधिक रैलियां करेंगे जहां भाजपा अपना प्रसार चाहती है। तथ्य यह है कि वह अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही प्रचार पर काफी समय दे रहे हैं। अब जब अधिकांश हिंदी प्रदेश खेल बिगाड़ने के मूड में हैं, ऐसे में उन क्षेत्रों में संसाधन और समय बिताना प्रतिकूल साबित हो सकता है, जहां मामूली लाभ होने की संभावना है।

मोदी का अभियान

– 24 दिसंबर को भुवनेश्वर में नए प्रौद्योगिकी संस्थान परिसर का उद्घाटन किया, खुर्दा में रैली की।
– 25 दिसंबर को असम में उनका अगला पड़ाव था।
– 4 जनवरी को मोदी फिर असम के सिलचर जाएंगे।
– 5 जनवरी को ओडिशा के मयूरभंज में एक रैली को संबोधित करेंगे।
– 15 जनवरी को एक और बैठक के लिए ओडिशा जाएंगे।

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